उत्तराखंड : सम-सामयिकी 2026
➤ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तराखंड दौरा
• दौरा : 12-13 जून, 2026
• उद्देश्य : भारतीय सैन्य अकादमी का पासिंग आउट परेड का निरीक्षण एवं समीक्षा करना।
• अन्य विशेषताएं :
(i) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 13 जून, 2026 को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में 158वें नियमित पाठ्यक्रम एवं 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया।
(ii) इस समारोह में कुल 515 कैडेट भारतीय सेना में शामिल हुए।
(iii) भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाली 09 महिला कैडेटों के प्रथम बैच ने भी पासिंग आउट परेड में भाग लिया।
(iv) ज्ञातव्य है कि, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की औपचारिक स्थापना 1 अक्टूबर, 1932 को हुई थी। तथा 10 दिसंबर, 1932 को फील्ड मार्शल सर फिलिप चेटवुड द्वारा संस्थान का उद्घाटन किया गया था।
➤ जसपाल राणा (1976-2026)
• जन्म : 28 जून 1976, देहरादून
• निधन : 12 जून 2026
(i) उत्तराखंड के प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा देश के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में गिने जाते थे।
(ii) 49 वर्ष की आयु में हृदय संबंधी समस्याओं के कारण उनका निधन हो गया।
(iii) ज्ञातव्य है कि 18 वर्ष की आयु में हिरोशिमा में 1994 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
(iv) राणा ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 15 पदक जीते, जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल थे।
(v) 2006 के दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा तथा 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
(vi) आप को 1994 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
(vii) भारतीय खेलों में योगदान हेतु 1997 में पद्म श्री प्रदान किया गया।
(viii) उत्कृष्ट शूटिंग कोच के रूप में 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
(ix) पेरिस ओलंपिक (2024) में दोहरे कांस्य पदक विजेता मनु भाकर के कोच एवं मार्गदर्शक रहे और उनकी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
➤ देव भूमि परिवार अधिनियम-2026
• विधानसभा में पेश : 10 मार्च, 2026
• राज्यपाल का अनुमोदन : 7 मई 2026
• गजट में प्रकाशन : 11 मई, 2026
• उद्देश्य : राज्य के प्रत्येक परिवार का एकीकृत पारिवारिक डेटा बेस (Integrated Family Database) तैयार कर विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के कुशल, पारदर्शी एवं लक्षित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना।
• अन्य विशेषताएं :
(i) अधिनियम के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार (जो 15 वर्षों या उससे अधिक समय से राज्य में रह रहा हो) को विशिष्ट देवभूमि परिवार आईडी (Devbhoom Family ID) जारी की जाएगी।
(ii) प्रत्येक परिवार का केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) तैयार किया जाएगा।
(iii) परिवार आईडी में परिवार के सदस्यों का नाम, आयु, आधार संबंधी जानकारी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा एवं रोजगार संबंधी विवरण दर्ज होंगे।
(iv) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा।
(v) यह व्यवस्था राज्य में सुशासन, डिजिटल प्रशासन एवं डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
➤ सार्वजनिक वृत्त (Gambling) रोकथाम अधिनियम-2026
• राज्यपाल की मंजूरी : 07 मई, 2026
• अधिसूचना जारी : 11 मई, 2026
• उद्देश्य : राज्य में अवैध जुआ, सट्टेबाजी नेटवर्क एवं जुआरियों पर अंकुश लगाकर सामाजिक एवं आर्थिक अपराधों को नियंत्रित करना।
• अन्य विशेषताएं :
(i) यह विधेयक औपनिवेशिक काल के सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 की प्रतिस्थापित करेगा।
(ii) सार्वजनिक स्थानों (सड़क, गली आदि) पर जुआ खेलने पर 3 माह तक का कारावास अथवा ₹5,000 तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
(iii) घर के अंदर जुआ गतिविधियों के संचालन पर 2 वर्ष तक का कारावास अथवा ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
(iv) जुआघर संचालित करने पर 5 वर्ष तक का कारावास एवं ₹1 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
(v) संगठित सट्टेबाजी नेटवर्क पर 3 से 5 वर्ष तक का कारावास एवं ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
➤ भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान
• घोषणा : 25 जनवरी, 2026 (गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर)
• पुरस्कार प्राप्त : 25 मई, 2026
• उद्देश्य : सार्वजनिक जीवन, राजनीति एवं समाज सेवा में योगदान हेतु।
● अन्य विशेषताएं :
(i) वर्ष 2026 में उत्तराखंड से पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे एकमात्र व्यक्ति हैं।
(ii) भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून, 1942 बागेश्वर जिले के पालसुधारा गाँव में हुआ था।
(iii) 30 अक्टूबर, 2001 से 1 मार्च 2002 तक वे उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री रहे तथा 2002 से 2007 तक नेता प्रतिपक्ष रहे।
(iv) वे 2008 से 2014 तक राज्यसभा सदस्य तथा 2014 से 2019 तक नैनीताल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद रहे।
(v) राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने ‘वन ट्रैक-वन पेंशन’, हिमालयी राज्यों में रेलवे नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्ट दी थी।
(vi) वर्ष 2019 से 2023 तक उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
(vii) इनकी दो प्रमुख पुस्तकें ‘उत्तरांचल प्रदेश क्यों?’ तथा ‘उत्तरांचल संघर्ष एवं समाधान’ हैं।
➤ पिरुल की रिकॉर्ड खरीद
उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग माध्यम से एक वर्ष के भीतर ग्रामीणों से 5.42 करोड़ रुपये का पिरुल खरीदा है। राज्य के वन मंत्री के मुताबिक अनियाला के अनुसार, वर्ष 2025 में 5532 टन पिरुल खरीदा गया था। ज्ञातव्य है कि, इस लक्ष्य को अब बढ़ाकर 8555 टन कर दिया गया है।
➤ उत्तराखंड नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में प्रथम
● घोषणा : 12 मार्च, 2026
● उद्देश्य : नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल न्याय वितरण प्रणाली तथा आपराधिक न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाना।
● अन्य विशेषताएं :
(i) उत्तराखंड ने ICJS 2.0 (Inter-Operable Criminal Justice System) के माध्यम से नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
(ii) NCRB के CCTNS/ICJS प्रगति डैशबोर्ड के अनुसार उत्तराखंड को 93.46 अंक प्राप्त हुए, जो सभी राज्यों में सर्वाधिक हैं।
(iii) राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तराखंड के बाद हरियाणा, असम, सिक्किम तथा मध्य प्रदेश का स्थान रहा।
(iv) राज्य के प्रदर्शन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी कार्यान्वयन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
(v) ICJS 2.0 के अंतर्गत ‘एक डेटा, एक प्रविष्टि’ सिद्धांत अपनाया गया, जिससे पुलिस, ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन एवं ई-फॉरेंसिक के बीच रियल-टाइम डेटा साझा करना संभव हुआ।
➤ e-Zero FIR व्यवस्था
● आरंभ : 7 मार्च, 2026 (केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा)
● उद्देश्य : साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, साक्ष्य संरक्षण तथा ठगी गई धनराशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करना।
● अन्य विशेषताएं :
(i) इसके अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करता है तो देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में स्वतः ही ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी।
(ii) दर्ज ई-जीरो एफआईआर को CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) के माध्यम से संबंधित पुलिस थाने को तत्काल अग्रेषित किया जाएगा।
(iii) नई व्यवस्था पुलिस को साइबर अपराध के “गोल्डन आवर” में त्वरित कार्रवाई प्रारंभ करने में सक्षम बनाती है।
➤ युद्धाभ्यास धर्म गार्जियन 2026
● आरंभ : 24 फरवरी, 2026 (चौबटिया, अल्मोड़ा)
● समापन : 9 मार्च, 2026
● उद्देश्य : भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना तथा अर्ध-शहरी वातावरण में संयुक्त सैन्य अभियानों हेतु सामरिक क्षमताओं को बढ़ाना।
● अन्य विशेषताएं :
(i) ‘धर्म गार्जियन’ का पाँचवाँ संस्करण 24 फरवरी से 9 मार्च, 2026 तक चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया गया।
(ii) यह संयुक्त सैन्य अभ्यास भारतीय सेना एवं जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) के बीच प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
(iii) अभ्यास में दोनों देशों के 120-120 सैनिकों ने भाग लिया।
(iv) जापान की ओर से 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट तथा भारत की ओर से लद्दाख स्काउट्स ने भागीदारी की।
(v) ज्ञातव्य है कि, यह अभ्यास वर्ष 2018 से बारी-बारी भारत और जापान में आयोजित किया जाता है।
➤ नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप
● आरंभ : 13 से 16 फरवरी, 2026
● आयोजन : औली (चमोली)
● उद्देश्य : शांताकालीन पर्यटन को बढ़ावा देना तथा राज्य की कुल घरेलू आय में शीतक्रीड़ा क्षेत्र के योगदान को बढ़ाना।
● अन्य विशेषताएं :
(i) चैंपियनशिप का उद्घाटन पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज द्वारा किया गया।
(ii) इसका आयोजन पर्यटन विभाग, गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) एवं विंटर गेम्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
(iii) सेना, ITBP एवं CRPF सहित देश के विभिन्न राज्यों की 17 टीमों ने प्रतिभाग किया।
(iv) हिमाचल प्रदेश की टीम 17 पदक जीतकर चैंपियन बनी।
(v) अल्पाइन स्कीइंग में हिमाचल प्रदेश की आंचल ठाकुर ने दो स्वर्ण पदक जीतकर बेस्ट एथलीट चैंपियन बनी।
हाथी आकलन 2025
(i) वर्ष 2018 में उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण सफारी बंद कर दी गई थी, जिसे बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने हटा दिया।
(ii) हाथी सफारी वन्यजीवों के बेहतर अवलोकन एवं जैव विविधता के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देती है।
(iii) ज्ञातव्य है कि, जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान तथा प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत प्रमुख बाघ संरक्षण क्षेत्र है।
(iv) जिम कॉर्बेट का पूर्व नाम हैली नेशनल पार्क (1936) था, जिसे वर्ष 1957 में जिम कॉर्बेट के नाम पर पुनर्नामित किया गया था।
हाथी आकलन 2025
14 अक्टूबर, 2025 को भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा देहरादून में आयोजित 36वीं वार्षिक अनुसंधान संगोष्ठी के दौरान “भारत में हाथियों की स्थिति: डीएनए-आधारित समन्वित अखिल भारतीय हाथी जनसंख्या आकलन (SAIEE 2021-25)” रिपोर्ट जारी की गई। यह रिपोर्ट पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, प्रोजेक्ट एलीफेंट और WII के संयुक्त प्रयासों से तैयार की गई थी।
● ज्ञातव्य है कि, यह भारत का पहला डीएनए-आधारित हाथी आकलन है, जिसमें देशभर में 22,446 हाथी होने का अनुमान लगाया गया। यह संख्या 2017 के 29,964 हाथी से लगभग 25% कम है, लेकिन नई विधि के कारण सीधा तुलनात्मक नहीं माना जा सकता। इसे भविष्य के लिये नया बेसलाइन स्थापित करने वाला माना गया है।
● उत्तराखंड में कुल 1,792 हाथी पाए गए, जो राज्य को उत्तर भारत में प्रथम और देश में पाँचवें स्थान पर स्थापित करता है।
● शीर्ष 05 हाथी आबादी वाले राज्यों को अधोलिखित तालिका में प्रस्तुत किया गया है।
रैंक राज्य हाथी की संख्या राष्ट्रीय रैंक
1. कर्नाटक 6,013 1
2. असम 4,159 2
3. तमिलनाडु 3,136 3
4. केरल 2,785 4
5. उत्तराखंड 1,792 5
उत्तराखण्ड गौरव सम्मान : 2025
इस सम्मान की शुरुआत वर्ष 2021 में उत्तराखण्ड के स्थापना दिवस (09 नवम्बर) के अवसर पर हुई थी। प्रत्येक वर्ष यह पुरस्कार प्रदेश के उन विशिष्ट लोगों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने मानवीय प्रयास से किसी भी क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। इन विभूतियों का चयन मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली चयन समिति करती है। 07 नवम्बर, 2025 को निम्नलिखित 08 व्यक्तियों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यथा:
(i) जसपाल राणा (निशानेबाज)
(ii) देव रतूड़ी (उद्यमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता)
(iii) टॉम ऑल्टर (अभिनेता एवं लेखक) (मरणोपरांत)
(iv) सुशीला बलूनी (राज्य अधिकार कार्यकर्ता) (मरणोपरांत)
(v) गौरा देवी (चिपको आंदोलन) (मरणोपरांत)
(vi) खड्ग सिंह वाल्दिया (भू विज्ञानी) (मरणोपरांत)
(vii) तीलू रौतेली (योद्धा) (मरणोपरांत)
(viii) शैलेश मटियानी (लेखक) (मरणोपरांत)
सभी विजेताओं के उपस्थित परिवार के सदस्यों को 1-1 लाख रुपये की धनराशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
बाल विज्ञान महोत्सव 2025
15 अक्टूबर, 2025 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के लिये ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ के गठन की घोषणा के साथ ही, सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी व प्रशिक्षण के लिये नवाचार केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया।
ज्ञातव्य है कि, इस महोत्सव की थीम जलवायु परिवर्तन, अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण (Climate Change, Adaptation Strategies and Disaster Risk Management Integration) थी।
कुमाऊँ द्वार महोत्सव 2025
● आयोजन: 15 से 19 अक्टूबर, 2025 तक एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी, नैनीताल।
● उद्घाटन: मुख्यमंत्री द्वारा
● उद्देश्य: कुमाऊँ क्षेत्र की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पर्यटन और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना।
● इस आयोजन के दौरान लोकनृत्य, संगीत, स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी, हस्तकला मेला और सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया गया।
उत्तराखंड SDG सूचकांक 2024-25
● जारीकर्ता: लोक नीति एवं सुशासन केन्द्र (CPPGG)
● उद्देश्य: सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में जिलों एवं राज्य के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना।
● अन्य विशिष्टताएं:
(i) उत्तराखंड का समग्र SDG स्कोर वर्ष 2023-24 के 72 से बढ़कर 2024-25 में 75 हो गया।
(ii) वर्ष 2024-25 में राज्य के 12 जिले ‘फ्रंट-रनर’ श्रेणी में शामिल हुए, जबकि केवल 1 जिला ‘परफॉर्मर’ श्रेणी में रहा।
(iii) अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं उधम सिंह नगर जिलों ने ‘परफॉर्मर’ से ‘फ्रंट-रनर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त किया।
(iv) रुद्रप्रयाग जनपद 78 अंकों के साथ प्रथम स्थान पर रहा।
(v) उत्तरकाशी एवं चमोली 75 अंकों के साथ संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे।
(vi) CPPGG (Centre for Public Policy and Good Governance) द्वारा वर्ष 2021 में 2015-16 से 2020-21 अवधि को सम्मिलित करते हुए ...