उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ।

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति

उत्तराखंड भारत के उत्तर में स्थित एक पर्वतीय राज्य है, जिसे “देवभूमि” (देवताओं की भूमि) कहा जाता है। इसकी भौगोलिक स्थिति विशेष रूप से विविध और विशिष्ट है, जो इसे प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।




मुख्य भौगोलिक विशेषताएँ:

  1. स्थिति और सीमाएँ:

    • अक्षांश और देशांतर: लगभग 28°43′ N से 31°27′ N अक्षांश और 77°34′ E से 81°02′ E देशांतर के बीच स्थित है।
    • उत्तर में चीन (तिब्बत), पूर्व में नेपाल, दक्षिण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम में हिमाचल प्रदेश से घिरा हुआ है।
  2. क्षेत्रफल:

    • लगभग 53,483 वर्ग किलोमीटर
  3. प्रमुख भौगोलिक भाग:

    • तराई और भाबर क्षेत्र – दक्षिणी मैदान, कृषि के लिए उपजाऊ।
    • शिवालिक पहाड़ियाँ – निम्न हिमालयी क्षेत्र।
    • मध्य हिमालय (गढ़वाल और कुमाऊं पहाड़ियाँ) – ऊँचाई पर बसे शहर और धार्मिक स्थल।
    • महान हिमालय – उत्तरी भाग, बर्फ से ढके पर्वत और ग्लेशियर।
  4. मुख्य नदियाँ:

    • गंगा, यमुना, टौंस, रामगंगा, कोसी आदि — जो हिमालयी ग्लेशियरों से निकलती हैं।
  5. ग्लेशियर और झीलें:

    • गंगोत्री, यमुनोत्री, पिंडारी, मिलम जैसे प्रमुख ग्लेशियर।
    • नैनीताल, भीमताल, सातताल आदि प्रसिद्ध झीलें।
  6. जलवायु:

    • ऊँचाई के अनुसार विविध – तराई में समशीतोष्ण, पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी।
    • सर्दियों में बर्फबारी और गर्मियों में सुखद मौसम।




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