उत्तरकाशी: मोरी ब्लॉक के फीताड़ी गांव में भीषण अग्निकांड, कई परिवार हुए बेघर; विधायक दुर्गेश्वर लाल का पैतृक गांव है प्रभावित
उत्तरकाशी (उत्तराखंड): सीमांत जनपद उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। विकासखंड मोरी के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती ग्राम फीताड़ी में भीषण आग लगने से गांव के कई परिवारों के आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए हैं। इस भीषण अग्निकांड में ग्रामीणों के अन्न भंडार, कीमती सामान और मवेशी आग की भेंट चढ़ गए हैं।
लकड़ी के बहुमंजिला मकानों के कारण फैली तेजी से आग
उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के कारण मोरी ब्लॉक के गांवों में पारंपरिक रूप से लकड़ी के मकान बनाए जाते हैं। ये मकान आमतौर पर 3 से 4 मंजिला होते हैं, जिनमें ग्रामीण अपने मवेशी, सालभर का चारा और अनाज का भंडारण एक ही स्थान पर करते हैं। लकड़ी की प्रचुरता और चारे के भंडारण के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
विधायक दुर्गेश्वर लाल के पैतृक गांव में त्रासदी
गौरतलब है कि फीताड़ी गांव पुरोला विधानसभा से वर्तमान विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल जी का अपना पैतृक गांव है। सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। विधायक दुर्गेश्वर लाल अपने गांव और क्षेत्र की हर विषम परिस्थिति में सदैव तत्पर रहते हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।
प्रभावित परिवारों की सूची (Loss Assessment)
इस अग्निकांड ने कई परिवारों की जीवनभर की कमाई को स्वाहा कर दिया है। प्राथमिक सूचना के अनुसार, निम्नलिखित ग्रामीणों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए हैं:
- प्रेम सिंह, कुंदन सिंह, रविंदर सिंह
- उमराल सिंह, तिलक सिंह, नैनीहाल सिंह
- दुधकलीज सिंह, श्रीमती ताजमदेई, वीरेंद्र सिंह
- सुविन्द्रा, मोहन सिंह एवं जनक सिंह
राहत एवं बचाव कार्य की मांग
अग्निकांड के बाद प्रभावित ग्रामीण अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावितों को तत्काल उचित मुआवजा, रहने के लिए टेंट और राशन की व्यवस्था की जाए। इस मौसम में उच्च हिमालयी क्षेत्र में यह आपदा ग्रामीणों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

