बिग ब्रेकिंग: दुबई वाले रोशन रतूड़ी पर देहरादून में मुकदमा दर्ज, IT एक्ट की धाराओं में फँसे 'अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी'


​उत्तराखंड की राजनीति और सोशल मीडिया गलियारों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दुबई में रहकर खुद को "अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी" बताने वाले रोशन रतूड़ी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देहरादून में उनके खिलाफ अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली ने आईटी (IT) एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।

​क्या है पूरा मामला?

​अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली का आरोप है कि रोशन रतूड़ी दुबई में बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड के आंतरिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, रतूड़ी अक्सर फेसबुक लाइव और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर 'उल-जलूल' बातें करते हैं, जिससे समाज में तनाव पैदा होता है।

मुकदमे में लगाए गए मुख्य आरोप:

  • सोशल मीडिया का दुरुपयोग: बिना किसी ठोस आधार के लोगों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करना।
  • भ्रामक जानकारी फैलाना: उत्तराखंड के संवेदनशील मुद्दों पर बैठकर "ज्ञान झाड़ना" और समाज को गुमराह करना।
  • मर्यादा का उल्लंघन: लाइव आकर असंवैधानिक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना।
  • निजी हमला: एडवोकेट संदीप चमोली को बिना जाने-पहचाने उनके बारे में सोशल मीडिया पर बेतुकी बातें करना और फीस देने जैसे हास्यास्पद दावे करना।

​क्राउड फंडिंग और प्रवास खर्च पर उठे सवाल

​सोशल मीडिया पर अक्सर सक्रिय रहने वाले रोशन रतूड़ी पर अब उनकी जीवनशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि:

  1. ​दुबई में नौकरी करते हुए उन्हें उत्तराखंड के हर मुद्दे पर दखल देने का समय कैसे मिलता है?
  2. ​बार-बार भारत आने-जाने और भारी-भरकम प्रवास का खर्च कहाँ से आता है?
  3. ​क्या इन कार्यों के नाम पर दुनियाभर में फैले प्रवासियों से "क्राउड फंडिंग" करवाई जा रही है?

​अधिवक्ता चमोली का कहना है कि रतूड़ी ने आज तक कोई ऐसा ठोस काम नहीं किया जिससे युवाओं को स्वरोजगार मिला हो या राज्य का भविष्य सुधरा हो। इसके उलट, वे केवल सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के लिए विवादित बयान देते हैं।

​कानून के शिकंजे में 'समाजसेवा'

​अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली ने स्पष्ट किया कि वे निजी तौर पर रोशन रतूड़ी को नहीं जानते, लेकिन जिस तरह से रतूड़ी ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ मोर्चा खोला और भ्रामक बातें कीं, उसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराना जरूरी हो गया था। देहरादून पुलिस अब इस मामले में आईटी एक्ट के तहत जांच को आगे बढ़ाएगी।

निष्कर्ष:

सोशल मीडिया पर 'हीरो' बनने की होड़ में अक्सर लोग कानूनी सीमाओं को लांघ जाते हैं। रोशन रतूड़ी पर हुआ यह मुकदमा उन सभी के लिए एक सबक है जो विदेशों में बैठकर डिजिटल मंचों का उपयोग आपसी विद्वेष फैलाने के लिए करते हैं। अब देखना होगा कि दुबई से रतूड़ी इस कानूनी कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Recent Post..

नैनबाग में कैबिनेट मंत्री खजान दास का जोरदार स्वागत, ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार की मौजूदगी में ऐतिहासिक भीड़



News एवम विज्ञापन हेतु संपर्क करें:- 8191019371 !!👍
Previous Next

نموذج الاتصال

WhatsApp Facebook Twitter Email Copy