BRICS OPST Meeting 2026: गोवा में महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य समूह की 8वीं बैठक
गोवा |
14 अगस्त 2026: भारत की वर्ष 2026 की BRICS अध्यक्षता के अंतर्गत महासागर और ध्रुवीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य समूह यानी Ocean and Polar Science and Technology Working Group (OPST) की 8वीं बैठक गोवा में आयोजित की गई। यह महत्वपूर्ण बैठक 12 से 14 अगस्त 2026 तक चली, जिसमें BRICS देशों के प्रतिनिधियों ने महासागर विज्ञान, ध्रुवीय अनुसंधान, जलवायु परिवर्तन और ब्लू इकोनॉमी से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
NCPOR ने किया बैठक का आयोजन इस बैठक की मेजबानी राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) ने की। NCPOR भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के अंतर्गत कार्य करता है और देश के ध्रुवीय तथा महासागरीय अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. थंबन मेलोथ, निदेशक, NCPOR एवं वर्ष 2026 के OPST कार्य समूह के अध्यक्ष ने की। भारत की ब्लू इकोनॉमी पहल पर मुख्य भाषण बैठक का एक प्रमुख आकर्षण भारत की ब्लू इकोनॉमी पहल (India's Blue Economy Initiative) पर दिया गया मुख्य भाषण रहा। डॉ. एम. राजीवन ने इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
ब्लू इकोनॉमी का संबंध समुद्री संसाधनों के ऐसे टिकाऊ उपयोग से है, जिससे आर्थिक विकास के साथ-साथ समुद्री पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
महासागर भारत की अर्थव्यवस्था, जलवायु, ऊर्जा, मत्स्य पालन और समुद्री परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में महासागरीय संसाधनों का वैज्ञानिक और टिकाऊ उपयोग आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन देशों ने लिया भाग OPST की 8वीं बैठक में BRICS के विस्तारित समूह के कई देशों ने भाग लिया। बैठक में शामिल प्रमुख देश हैं:-
भारत
ब्राजील
चीन
मिस्र
इंडोनेशिया
रूस
दक्षिण अफ्रीका
संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
प्रतिनिधियों ने महासागर एवं ध्रुवीय क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी सहयोग और साझा शोध गतिविधियों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए महासागर अनुसंधान का विशेष महत्व है। भारत का बड़ा समुद्री क्षेत्र हिंद महासागर से जुड़ा है और देश ध्रुवीय अनुसंधान में भी सक्रिय रूप से भाग लेता है।
BRICS के मंच पर महासागर और ध्रुवीय विज्ञान से संबंधित सहयोग बढ़ने से वैज्ञानिकों और शोध संस्थानों के बीच ज्ञान एवं तकनीक साझा करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, समुद्री पारिस्थितिकी, समुद्री संसाधन, ध्रुवीय क्षेत्र और सतत विकास जैसे विषयों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
कार्यक्रम: BRICS OPST की 8वीं बैठक
पूरा नाम: Ocean and Polar Science and Technology Working Group
आयोजन: 12–14 अगस्त 2026
स्थान: गोवा
मेजबान: NCPOR, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
अध्यक्ष: डॉ. थंबन मेलोथ
मुख्य विषय: भारत की ब्लू इकोनॉमी पहल
मुख्य वक्ता: डॉ. एम. राजीवन
2026 BRICS अध्यक्षता: भारत
