वाणी भूषण पंचांग और भारतीय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 3 मार्च 2026 को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) है। भारत के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण शाम के समय चंद्रोदय के साथ दिखाई देगा।
पंचांग के अनुसार मुख्य समय (IST) इस प्रकार हैं:
ग्रहण का समय (3 मार्च 2026)
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अवस्था |
समय (भारतीय मानक समय - IST) |
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ग्रहण का स्पर्श (शुरुआत) |
दोपहर 03:20 PM से |
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पूर्ण ग्रहण का आरंभ |
शाम 04:28 PM से |
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ग्रहण का मध्य (Pick Time) |
शाम 05:04 PM |
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पूर्ण ग्रहण की समाप्ति |
शाम 05:40 PM |
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ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति) |
शाम 06:47 PM |
सूतक काल (Sutak Kaal)
चूँकि चंद्र ग्रहण में सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है, इसलिए वाणी भूषण पंचांग के अनुसार:
- सूतक प्रारंभ: कल (3 मार्च) सुबह लगभग 06:20 AM से शुरू हो जाएगा।
- सूतक समाप्ति: शाम 06:47 PM (ग्रहण के मोक्ष के साथ)।
विशेष ध्यान दें:
- दृश्यता (Visibility): भारत में चंद्रमा शाम को उदय होता है, इसलिए हमें यह ग्रहण 'ग्रस्तोदित' (चंद्रमा उगते समय ही ग्रहण लगा हुआ) के रूप में दिखाई देगा।
- भोजन: सूतक लगने के बाद (सुबह 6:20 के बाद) ठोस भोजन टालना चाहिए। हालांकि, बीमारों, बच्चों और सीता (आपकी पत्नी) के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, यदि आवश्यक हो तो वे हल्का सात्विक भोजन ले सकती हैं (भोजन में तुलसी दल अवश्य डालें)।
- शुद्धि: शाम 06:47 बजे के बाद स्नान करके घर के मंदिर की सफाई और दीप प्रज्वलन करना शुभ होगा।
चंद्रग्रहण में क्या करें और क्या न करें
क्या करें:-
🌙 खुले आसमान में देखें – चंद्रग्रहण नंगी आँखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
🔭 दूरबीन / कैमरा इस्तेमाल कर सकते हैं – कोई स्पेशल चश्मा जरूरी नहीं।
🧘 शांत वातावरण में ध्यान / प्रार्थना (अगर आप मानते हैं)।
🍲 ग्रहण से पहले भोजन बना लें (धार्मिक मान्यता अनुसार)।
🛁 ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान (परंपरा अनुसार)।
❌ क्या न करें (धार्मिक मान्यताओं के अनुसार):-
🍽️ ग्रहण के दौरान खाना न खाएँ (कुछ लोग तुलसी पत्ता रख देते हैं खाने में)।
🔪 काटना-छांटना या सिलाई-बुनाई न करें (परंपरागत मान्यता)।
🤰 गर्भवती महिलाएँ तेज धारदार वस्तु से दूर रहें (सिर्फ परंपरागत विश्वास)।
🙅 नकारात्मक सोच या झगड़ा न करें।
