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भारत की प्रमुख झीलें By Vivek Dobhal Sir


झीलों के प्रकार (Types Of Lake)

झीलों को सामान्यतः कई प्रकार में बांटा जा सकता है | सर्वप्रथम अगर हम इसकी प्रकृति के आधार पर तुलना करें तो झीलों को दो प्रकार से बांटा जा सकता है-

प्राकृतिक झील:- ऐसी झील, जो कि प्रकृति के द्वारा ही बनी है,जिसे किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि के कारण नहीं बनाई गई हैं, उसे प्राकृतिक झील कहते हैं |  जैसे चिल्का झील वूलर झील आदि


मानव निर्मित झील:-  ऐसी झीले जिनका निर्माण मानवीय क्रियाकलापों के कारण हुआ है, उन्हें मानव निर्मित झील कहां जाता है; जैसे पिछोला झील, भाखड़ा नांगल बांध झील क्षेत्र (गोविंद सागर झील) आदि |

अन्य आधार पर देखा जाए तो जिलों के निम्न प्रकार हैं-

लैगून झील:- जब समुद्र के  तट का पानी किसी भूभाग से गिर जाए तथा वह जमीन के द्वारा समुद्र से अलग हो जाएं, ऐसी झील को लैगून झील कहा जाता है |  इसका उदाहरण चिल्का झील है, जो कि उड़ीसा में स्थित है और लैगून झील हैं |

विवर्तनिक झील:- ऐसी झील जिसका निर्माण धरातल के नीचे धसने के कारण या ऊपर उठने के कारण हुआ है, उसे विवर्तनिक झील कहां जाता है

भारत की प्रमुख झीलें 

राज्यझील
जम्मूकश्मीरवुलरडलगाडसरअनंतनागबेरीनागशेषनागकौसरनागनागिनपोगोंगछोसीमोरीरीगंगाबल और मानसबल
हिमाचल प्रदेशभृगुमच्छियालरेणुकासूरजतालचन्द्रताल
उत्तराखण्डनैनीतालडोडीतालभीमतालसाततालनौकुछियातालदेवतालखुरपातालराकसताल और मालाताल
चंडीगढ़सुखनाझील
राजस्थानराजसमंजयसमंनक्कीसांभरफतेहसागरलूनकरसरडीडवानापिछौलाआनासागरकुचामनढेबर और पुष्कर
महाराष्ट्रलोनार और पोवई
कर्नाटकबेलान्दुर
केरलबेम्बानाड और अष्टमुदी
सिक्किमसोंगमा
मणिपुरलोकटक
उड़ीसाचिल्का
तेलंगानाहुसैन सागर और नागार्जुन सागर
आंध्र प्रदेशकोलेरू और पुलिकट
तमिलनाडुकोडाइकनाल और कालीवेली
हरियाणासूरजकुण्ड
...
India Lakes
  • भारत की सबसे बड़ी झील चिल्का झील है| चिल्का झील उड़ीसा राज्य में स्थित है|
  • चिल्का एक लैगून झील है, जिसके कारण इसका जल खारा होता है|
  • पुलिकट झील भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है|
  • कभी-कभी समुद्री अवसादों के कारण लैगून झीलों का मुहाना अवरूद्ध हो जाता है, ऐसी स्थिति में लैगून झीलों का सागर से सीधा संपर्क नहीं रह जाता है| उदाहरण के लिए-गोदावरी एवं कृष्णा नदी डेल्टा के बीच स्थित कोलेरू झील|
  • लैगून झीलों की स्थिति इस प्रकार है –
राज्यझील
उड़ीसाचिल्का
आंध्र प्रदेशकोलेरू और पुलिकट
केरलबेम्बानाड और अष्टमुदी
  • कोलेरू झील कृष्णा और गोदावरी नदियों के बीच में स्थित है|
  • पुलिकट झील आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्य के सीमाई तट पर स्थित है|
  • पुलिकट झील में ही श्रीहरिकोटा द्वीपस्थित है, जिसपर ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान’ द्वारा स्थापित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र स्थित है|
  • बेम्बानाड झील में एक द्वीप स्थित है, जिसे वेलिंगटन द्वीप कहते हैं| केरल में नौकायान प्रतियोगिता बेम्बानाड झील में वेलिंगटन द्वीप से ही आयोजित होती है|
  • केरल की लैगून झीलों को स्थानीय रूप से कयाल कहते हैं|
  • भारत की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील वुलर झील जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित है|
  • झेलम नदी बेरीनाग झील से निकलकर श्रीनगर में वुलर झील से होकर गुजरती है|
  • गोखुर झील का निर्माण नदियों द्वारा किया जाता है, दूसरे शब्दों में झेलम नदी ने ही वुलर झील का निर्माण किया है| वुलर झील एक गोखुर झील का उदाहरण है|
  • वुलर झील के निर्माण में विवर्तनीक क्रिया का भी प्रभाव है| पृथ्वी के भीतर होने वाली आन्तरिक क्रिया को विवर्तनीक क्रिया कहते हैं|
  • राजस्थान राज्य की अधिकतर झीलेंलवणीयहैं| राजस्थान राज्य की झीलों का निर्माण पवनोंद्वारा हुआ है|
  • राजस्थान की झीलों का लवणीय होना यह प्रमाणित करता है, कि यहाँ पर कभी टेथिस सागर रहा होगा जो अब एक अवशेष के रूप में बचा है, इसलिए इन झीलों का पानी खारा है|
  • महाराष्ट्र राज्य में स्थित लोनार झील ज्वालामुखी क्रियाओं के द्वारा निर्मित झील है|
  • ज्वालामुखी क्रियाओं के द्वारा निर्मित झील को क्रेटर झील कहते हैं|
  • पूर्वोत्तर भारत की ताजे पानी की सबसे बड़ी झील लोकटक झील है, यह मणिपुर राज्य में स्थित है|
  • मणिपुर राज्य में केबुललामजाओ नामक एक तैरता हुआ राष्ट्रीय पार्क स्थित है|
 

मानव निर्मित (कृत्रिम)झीलें

  • चम्बल नदी का पानी रोककर तीन कृत्रिम झीलें बनाई गयी हैं –
मध्य प्रदेशगाँधीसागर झील
राजस्थानजवाहर सागर झील और राणा प्रताप सागर झील
  • भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्दसागर झील है, जोकि सतलज नदी पर हिमाचल प्रदेश में स्थित है|
  • तेलंगाना राज्य में दो कृत्रिम झीलें हैं-
निजाम सागर झीलमंजीरा या मंजरा नदी पर (गोदावरी की सहायक नदी है, जो दक्षिण की ओर से आकर मिलती है|)
नागार्जुन सागर झीलकृष्णा नदी का जल रोककर
 
  • उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा पर गोविन्द वल्लभ पंत नामक कृत्रिम झील है| गोविन्द वल्लभ पंत कृत्रिम झील रिहन्द नदी का पानी रोककर बनायी गयी है|
  • रिहन्द नदी सोननदी की सहायक नदी है, जो छत्तीसगढ़ राज्य में अमरकंटक पठार से निकलकर पटना के समीप गंगा नदी से मिल जाती है|
  • गोविन्द वल्लभ पंत झील का जो भाग उत्तर प्रदेश में है, वह उत्तर प्रदेश राज्य के सोनभद्र जिले के अंतर्गत है|
  • तमिलनाडु राज्य में कावेरी नदी का जल रोककर स्टेनले झील का निर्माण किया गया है|

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