हरिद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने हरिद्वार स्थित जीएसटी कार्यालय में तैनात एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामला हरिद्वार के जीएसटी कार्यालय, खंड-3 से जुड़ा है, जहां आरोपी कर्मचारी प्रमोद सेमवाल को 20 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए ट्रैप टीम ने पकड़ लिया।
🔎 क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता, जो हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री के मालिक बताए जा रहे हैं, ने सतर्कता विभाग को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी कंपनी वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। वर्ष 2017 के अंतिम तीन महीनों के वैट टैक्स निपटान के संबंध में विभाग द्वारा 1 लाख 76 हजार रुपये की देनदारी तय की गई थी।
आरोप है कि इस मामले को ‘सेटल’ कराने के नाम पर प्रमोद सेमवाल ने कुल 1 लाख 20 हजार रुपये की अवैध मांग की और रकम किस्तों में देने का प्रस्ताव रखा।
🕵️ कैसे हुई गिरफ्तारी?
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच की। आरोपों की पुष्टि होने पर जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने 20 हजार रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
📌 आरोपी की जानकारी
नाम: प्रमोद सेमवाल
पिता: शिव शरण सेमवाल
निवास: सिद्धार्थ एन्क्लेव, द्वारिका विहार, जगजीतपुर, कनखल, हरिद्वार
पद: डाटा एंट्री ऑपरेटर (उपनल कर्मी)
सेवा अवधि: लगभग 18 वर्ष
⚖️ कानूनी कार्रवाई
सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार और एजेंसियां इस मुद्दे पर सख्त रुख अपना रही हैं।
